थारू जनजाति – उत्तर प्रदेश
परिचय:
थारू जनजाति उत्तर प्रदेश की एक प्रमुख और विशिष्ट अनुसूचित जनजाति (Scheduled Tribe)है। यह जनजाति मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र—खासकर लखीमपुर खीरी, बहराइच, बलरामपुर, पीलीभीत और श्रावस्ती जिलों में पाई जाती है। इनकी संस्कृति, जीवनशैली और परंपराएँ इन क्षेत्रों की पहचान बन चुकी हैं।
मुख्य विशेषताएँ:
| विषय | विवरण |
|---|---|
| निवास क्षेत्र | लखीमपुर खीरी, बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती, पीलीभीत (उत्तर प्रदेश) |
| भाषा | थारू बोली (हिंदी मिश्रित), हिंदी |
| धर्म | हिंदू धर्म, प्रकृति पूजक परंपराएँ |
| पेशा | कृषि, पशुपालन, वनोपज संग्रह, मजदूरी |
| परंपराएँ | पारंपरिक लोकगीत, नृत्य, हस्तकला, औषधीय ज्ञान |
सांस्कृतिक जीवन:
- स्त्री-प्रधान समाज: थारू समाज में महिलाओं को महत्वपूर्ण सामाजिक स्थान प्राप्त है। वे खेती, परिवार और परंपराओं की संरक्षक होती हैं।
- पारंपरिक पहनावा: थारू महिलाएँ रंगीन घाघरा, चोली और पारंपरिक गहनों से सुसज्जित रहती हैं। पुरुष धोती, कुर्ता पहनते हैं।
- लोकनृत्य और गीत: त्यौहारों, विवाह आदि पर थारू लोग सामूहिक नृत्य व गीत करते हैं। ये गीत प्रकृति, ऋतु और जीवन से जुड़े होते हैं।
- खाद्य संस्कृति: इनका आहार अधिकतर जौ, मक्का, चावल, साग-सब्ज़ियाँ एवं जंगल से प्राप्त भोजन होता है।
- जनगणना 2011 के अनुसार उत्तर प्रदेश में कुल जनजातियों की संख्या 11,34,273 है।
- संविधान के अनुच्छेद 342 में जनजातियां उल्लेखित हैं।
- सबसे ज्यादा जनसंख्या थारू जनजाति की है।
- उत्तर प्रदेश में कुल 12 जनजातियां हैं।
- सबसे पुरानी जनजाति थारू तथा बुक्सा है।
- सबसे ज्यादा जनजाति सोनभद्र जनपद में तथा सबसे कम जनजाति बागपत में हैं।
- थारू जनजाति उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी जनजाति है|
- थारू जनजाति के लोग उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के तराई भाग में निवास करते है
- थारू जनजाति के लोग किरात वंश से सम्बंधित है
- थारुओ द्वारा बजहर नामक त्यौहार मनाया जाता है दीपावली को ये शोक पर्व के रूप में मनाते है , थारू जनजाति द्वारा होली के मौके पर खिचड़ी नृत्य किया जाता है
- थारू जनजाती के लोगो में बदला विवाह प्रथा तथा तीन टिकठी विवाह प्रथा प्रचलित है , थारुओ में दोनों पक्षो से विवाह तय हो जाने को पक्की पोड़ी कहा जाता है
- उत्तर प्रदेश में 2 अक्टूबर 1980 को थारू विकास परियोजना का प्रारंभ किया गया
























































